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घर आया अनमोल...

अनमोल (खरगोश, रैबिट) का अल्हड़पन, फुदकना, कूदना और फिर उछलकर गोद में पहुंच जाना। यह बच्चों के लिए काफी रोमांचकारी अनुभ हो रहा था। मानो वह भी बच्चा ही हो। बच्चों के बीच अनमोल का आना किसी खिलौने से मिलना कम नहीं था। वह लगातार बच्चों के साथ खेल रहा था। अपनापन ऐसा कि सबका दुलारा हो गया था। चुन्नू, मुन्नू और गुन्नू के साथ ही साथ अभिमान, कर्त्तव्य,कुंज, कुकू का भी प्यारा हो गया था। अचानक एक सर्दी की रात में उसकी सांसें थम गईं। बच्चे कुछ समझ नहीं सके। सब बेबस और लाचार। सबके चेहरे पर मायूसी कि आखिर अनमोल कहां गया। आखिर उसे क्या हो गया। परिजनों ने बताया कि उसे डॉक्टर के पास लेकर जाया गया है। उसकी तबीयत खराब है। सुबह से ही सभी ने उसके बारे में परिजनों से पूछना शुरू कर दिया। आखिरकार दोपहर तक फिर से अनमोल (नए) की वापसी हुई। इसके बाद ही सबके चेहरों पर रौनक नजर आई। आखिर अनमोल सबके लिए अनमोल जो हो चुका था। अब एक बार फिर से सभी लोग पहले की तरह उसके साथ घुल मिल चुके हैं। अब एक बार फिर से वही स्नेह नजर आ रहा है। कई बार कई रिश्ते काफी अनमोल हो जाते हैं और उसका हमें आभास तक नहीं होता। भले ही इंसानों में आ...

समय की कद्र करें

 समय ही तो आपके पास नहीं है।कब कहाँ कैसे कब थम जाए पता नहीं।समय है कि थमने का नाम नहीं ले रहा।बस भागता जा रहा है।यही वजह है कि समय के साथ चलना जरूरी है।इसलिए हम सब भी उसके साथ ही भाग रहे हैं। थम नहीं पा रहे, बस भागमभाग लगी है। शायद जीवन की यही रीति और नीति है।सबको भागते रहना है,समय के साथ।मुझे भी आपको भी।हम सबको।बस समय के साथ चलना होगा, अन्यथा आप काफी पीछड़े हुए मान लिए जाएंगे।भूलें नहीं समय को याद रखें।यह समय जो आपके साथ है,फिर नहीं आने वाला।इस समय की कद्र करें।समय के पाबंद रहें। हर समय कुछ न कुछ नया सीखने का मौका मिलता है।बस आप खुदपर यकीन करके सीखते रहें।कुछ न कुछ नया पढ़ते रहें, लोगों से बतियाते रहें, मिलते जुलते रहें।समय निकालें अपनों के लिए भी ,अपने लिए भी और दूसरों के लिए भी।अपने कीमती समय से लोगों को भी समय दें। दोस्तों की दोस्ती को याद रखें।समय का खेल भी अजीब है, जब होता है,तो लोग कद्र नहीं करते,चला जाता है,तो लोग हाथ पर हाथ धरे रहने को मजबूर होते हैं। समय को पहचानें।यह आपका ही समय है।तो चलिए टाईम स्टार्ट नाउ।